संगीत के च क सीय लाभ

एमपीसी फाउंडेशन द्वारा (MPC Foundation)

या आपनेकभी महससू कया हैक आप िजस तरह सेसन ु रहे हउसके आधार पर आपका मडू बदल सकता है? संगीत सनन ु ेपर आप कभी अकेलेनहं होत। े आप अपना दन श ु करनेके लए सबहु मसकारामक वाइब संगीत लेसकतेह, अपनी ऊजाके तर को ऊपर उठानेके लए नरम चटान को सन ु जब आप रात के खानेमएक अछा भरनेवालेदोपहर के भोजन के बाद सती ु महससू कर रहेह और शाम के खानेके समय का वागत करने के लए शाम को क ु छ शाीय संगीत या अकेलेबाद मअनजाने मकायालय मएक उपादक दन बताना। सभी जादईु चीज के साथ संगीत हमारेजीवन मउतार सकता है जसै ेक हमारेमनोदशाओंको उठाना और हममतृ लेन के लए उदासीन याा पर लेजाना, हम सभी नेपहल बार अनभव ु कया है, हमारेमानसक वाय के लए संगीत के लाभ। दादा-दाद से माता-पता और बच तक संगीत साझा करना परंपराओंको पारत करनेक भावना देता हैऔर परवार को एक साथ लाता है । क ु ल मलाकर संगीत अितव क भलाई और महव क भावना पदा ै करता है ।


इससेभी महवपण ू बात, महवपण ू शोध कया गया हैजो चकसा मसंगीत के उपयोग का समथन करता है । लाक, लप और िले (1998) के शोध मपाया गया क नहातेसमय और टॉयलेट का उपयोग करतेह ु ए पसंददा संगीत के उपयोग से मनोंश वालेयितय के आामक यवहार मकाफ कमी आई है । अनसंधान ु नेनिचत प सेदखाया हैक संगीत वाम को बढ़ावा देता है, चता ं कम करता है, और अयता सेवचलत करता है (एकमा, 2010) संगीत मवधृ , बातचीत के तर और चता ं को कम करने, भावी ढंग सेबातचीत के अलावा, समहू क गतवधय मभागीदार और जीवन क ग ु णवा मसधार ु (Dr.Sienna Caspar, 2017)। अययन मपाया गया क संगीत सेसंबंधत गतवधय को कसी अय गतवध (केवको, 2010) क तलना ु मअधक भागीदार के साथ मला।


बज ु ग ु को संगीत के लाभ को उजागर करनेके लए बह ु त सेशोध भी कए गए ह । संगीत और साउंड थेरेपी शरर के ाक ृतक रसायन (ओपेस और एंडोफन) को उेिजत कर सकती है, ताक संगीत के कार के आधार पर वाम क भावना पदा ै हो सके या उसाहत महससू कर सक । परणाम बेहतर रत वाह, कम रतचाप, पस दर कम, और सांस लेनेमसधार ु ह ु आ है । संगीत और वन चकसा का उपयोग तनाव, शोक और अवसाद के इलाज के लए कया जाता है । गानेसनना ु या गाना अजाइमर रोग वालेलोग के लए भावनामक और यवहारक लाभ दान करनेवाला साबत ह ु आ है । या आप जानतेहक मनोंश वालेलोग को असर अपनेपसंददा गीत या संगीत के बोल और धन ु को याद करनेमकोई परेशानी नहं होती है । ऐसा इसलए हैयक अजाइमर रोग मसंगीत क याद को असर संरत कया जाता है, इस तय के कारण क संगीत मतृ से जड़ु ेमख ु मितक े रोग सेअपेाकृत अभावत ह । इसलए, संगीत वरठ क भलाई मएक महवपण ू भमका ू नभा सकता है, वशषे प सेउन लोग के लए िजनके जीवन क ग ु णवा को पागलपन वारा नकारामक प सेभावत कया गया है । संगीत चकसा का उपयोग अब अधकांश दघकालक देखभाल सवधाओ ु ंमोामगं का एक अभन अगं हैयक वेशाररक, मानसक और संानामक कौशल पर सकारामक भाव डालतेह । बेथानी केयर होस के अनसार ु , "चाहेवह चकसीय संगीत सनन ु े, वाययं बजाने, या पसंददा धन ु के साथ गानेके लए हो, संगीत चकसा मभाग लेनेसेबड़े वयक के मानसक, शाररक और भावनामक भलाई पर गहरा भाव पड़ सकता है"।